13वां राष्ट्रीय सम्मेलन, मदुरै-तमिलनाडू (18-20 जनवरी 2019) की कार्यवाही एवं लिए गए निर्णय

13वां राष्ट्रीय सम्मेलन, मदुरै-तमिलनाडू (18-20 जनवरी 2019) की कार्यवाही एवं लिए गए निर्णय

मान्यवर,

दिनांक 18 जनवरी 2019 को स्वदेशी जागरण मंच का 13वां राष्ट्रीय सम्मेलन ‘आर.एल. ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीटयूशन, टी.वी.आर. नगर, अरूपुकोट्टई, मेन रोड़, मदुरै, तमिलनाडु-625022 में ‘स्वदेशी भाव फिर जगे’ गीत के साथ प्रातः 10ः00 बजे प्रारंभ हुआ। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरूण ओझा, मंच के राष्ट्रीय सहसंयोजक गण श्री सरोज मित्र, डाॅ. अश्वनी महाजन, प्रो. बी.एम. कुमारस्वामी, श्री आर.सुन्दरम व राष्ट्रीय संगठक श्री कश्मीरी लाल सहित उद्योगपति व मुख्य अतिथि श्री मुत्तु जी, स्वद. चिदम्बरम पिल्लै के पौत्र श्री चिदम्बरम जी, भारतीय मजदूर संघ से श्री पवन कुमार तथा विद्या भारती से श्री जे.आर. जगदीश ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।

उद्घाटन सत्रः श्री आर.सुन्दरम ने सभी अधिकारीगण एवं प्रतिनिधियों का मदुरै में सम्मेलन हेतु पधारने पर संक्षिप्त स्वागत एवं उद्बोधन किया। आयोजन समिति के प्रमुख श्री सतीश कुमार ने इस सम्मेलन की भूमिका व भारत में स्वदेशी अभियान की आवश्यकता के बारे में बताया। श्री दीपक शर्मा ‘प्रदीप’ (अ.भा. प्रचार प्रमुख) ने प्रचार विभाग की सूचनाएं तथा जानकारियां देते हुए बताया कि स्वदेशी जागरण मंच के इस सम्मेलन का सोशल मीडिया पर लाईव प्रसारण हो रहा है।

श्री चिदम्बरमः मुख्य अतिथि ने अपना व्याख्यान हिन्दी, तमिल व अंग्रेजी भाषा में दिया। उन्होंने कहा मेरे दादाजी स्व. चिम्बरम पिल्ले ने 1906 में पहला स्टीमर जहाज चलाया था। वे गंगाधर तिलक को अपना गुरू मानते थे। पिल्लै जी वकील और यूनियन लीडर थे। उन्हें भारत का पहला स्वदेशी जहाजरानी निर्माता भी कहा जाता है।

श्री मुत्तु जीः जो तिलों के तेल के उत्पादक ‘‘इदीएम (हृदय) बांड’’ के मालिक ने बताया कि हमनें तिलों के तेल के विषय में न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग किया, बल्कि निर्यात भी किया है। हम सालाना 7000 करोड़ का टर्नओवर कर रहे है, इससे रोजगार व समृद्धि का स्वदेशी प्रयत्न सफल हो रहा है।

श्री अजय पत्कीः अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख श्री अजय पत्की जी ने स्वदेशी की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वदेशी के सफल अभियानों व संघर्ष यात्रा से प्रतिनिधियों को परिचित कराया। 1993 के स्वदेशी संपर्क अभियान से लेकर इस वर्ष रोजगार पर हुई मुंबई की गोष्ठी तक का स्वदेशी जागरण मंच का इतिहास बताया। मंच के प्रथम संयोजक डाॅ. मा.गो. बोकरे द्वारा लिखित ‘हिन्दू इक्नोमिक्स’, अमरीकी कंपनी एनराॅन की बिजली परियोजना का विरोध, मछुवारों की रक्षा हेतु हुई सागर यात्रा, डब्ल्यूटीओ में मंच के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, खुदरा व्यापारियों की सुरक्षा हेतु हुए जुटान, जीएम फसलों को विरोध, चाईनीज वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान के बारे में विस्तार से बताया।

श्री अरूण ओझा ने वर्ष भर की मंच की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिसमें रोजगार, पर्यावरण व परिवार विषयों पर हुए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम, विचार वर्गों की जानकारियां व ई-काॅमर्स - फ्लिपकार्ट-वालमार्ट डील पर विरोध आदि के बारे में अवगत कराया। उन्होंने आगे कहा कि हमें कृषि, बेरोजगारी, चिकित्सा व पर्यावरण का विचार करते हुए विकास के ढांचे को बदलना होगा। भारतवर्ष के पास इस स्थायी विकास के माॅडल का पुराना अनुभव है।

श्री श्री रविशंकर महाराजः श्री श्री रविशंकर जी महाराज व मंच पर उपस्थित अधिकारीगणों द्वारा तीन पुस्तकों (स्वदेशी विकास यात्रा, आरसीईपी व विश्व व्यापार युद्ध) का विमोचन हुआ, उसके बाद उन्होंने प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने आशीर्वाद भाषण में कहा कि भारत में विविधता में एकता है। संपूर्ण भारत व दुनिया के कई देशों में ‘ऊं नमः शिवायः’ गूंजता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। आज संस्कृतिक गुलामी से मुक्त होने की आवश्यकता है। भारत विश्व गुरू बनेगा। आज हमारे योग को दुनिया में सम्मान मिला है। महंगा हो तो भी हमें स्वदेशी वस्तु की खरीदनी चाहिए।

कार्यवृत्तः विभिन्न प्रांतों के प्रांत संयोजकों, प्रमुखों ने अपने-अपने प्रांत की वर्ष भर में हुई गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन सबके अनुसार देश भर में सभी 25 प्रांतों व लगभग 400 जिलों में स्वदेशी जागरण मंच की ईकाईयां सक्रिय है। अधिकांश प्रांतों में विचार वर्ग, स्वदेशी सप्ताह (25 सितंबर-2 अक्टूबर), स्वदेशी दिवस-बाबू गेनू बलिदान दिवस (12 दिसंबर) के कार्यक्रमांे का आयोजन होता है। इस वर्ष 10 नवंबर को दिल्ली में हुए राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जन्मदिवस पर हुई भव्य नागरिक गोष्ठी विशेष उल्लेखनीय है। जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत जी का विशेष रूप से मार्गदर्शन हुआ। इसी तरह ओडिसा में नदियों पर हुई गोष्ठियां भी विशेष चर्चा में रही। ‘तब खादी-अब खाद’ विषय पर भी अनेक स्थानों पर कार्यक्रम हुए। पर्यावरण व परिवार पर देश भर में बैठकें, कार्यक्रम व गोष्ठियां हुई।

रोजगार विषय पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम/गोष्ठियां हुई। विशेष रूप से चण्डीगढ़, उदयपुर, दिल्ली व मुंबई में उपकुलपतियों सहित कृषि व उद्योग जगत के प्रमुख लोगों ने भारत में रोजगार वृद्धि पर चिंतन, मंथन किया। हरियाणा में सभी 22 जिलों में जिला सम्मेलन आयोजित किये गये। इसके अलावा झारखंड, ओडिसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा में भव्य स्वदेशी मेलों को आयोजन भी संपन्न हुआ। स्टार्ट-अप व लघु ऋण वितरण की गतिविधियां भी अनेक प्रांतों में चल रही है व बढ़ रही है। कुल मिलाकर प्रत्येक प्रांत में कुछ न कुछ विशेष कार्यक्रम आयोजित किये है। इसके अतिरिक्त भी स्वदेशी विकास यात्रा, रोजगार व स्वदेशी पथ, मुक्त व्यापार समझौता (त्ब्म्च्) व विश्व व्यापार युद्ध पर लघु पुस्तिकाओं के प्रकाशन की जानकारी भी कार्यवृत्त में आयी।

पारित प्रस्तावः 1. घुसपैठ का देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव - श्री अमलान कुसुम घोष ने अंग्रेजी व श्री मनोज कुमार सिंह ने हिन्दी में वाचन किया।
2. भारत के हित में नहीं है आरसीईपी (16 देशों का मुक्त व्यापार समझौता) - डाॅ. अशुतोष ने अंग्रेजी व डाॅ. अश्वनी महाजन ने हिन्दी में वाचन किया।
3. सरकार लाए एक मजबूत ई-काॅमर्स नीति - डाॅ. राघवेंद्र चंदेल ने हिन्दी में वाचन किया।
4. स्वदेशी विकास माॅडल ही समाधान - श्री महादेवय्या ने अंग्रेजी व श्री अनंदा शंकर पाणीग्रही ने हिन्दी में वाचन किया।

अखिल भारतीय विचार वर्गः इस वर्ष देश में 5 विभिन्न स्थानों पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय विचार वर्ग संपन्न हुए। जिसमें देश भर से इन विचार वर्गों में 779 कार्यकर्ता उपस्थित हुए तथा सभी विचार वर्गों में मंच के अखिल भारतीय पदाधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उत्तर क्षेत्र व राजस्थान का वर्ग कुरूक्षेत्र (हरियाणा), उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड का वर्ग शहाजहांपुर, मध्य व पश्चिम क्षेत्र का वर्ग दुर्ग (छत्तीसगढ़), पूर्व का वर्ग तारापीठ (प.बंगाल) में संपन्न हुआ।

इस वर्ष संघर्ष वाहिनी की अ.भा. बैठक जयपुर (राज.) में संपन्न हुई, जिसमें 14 राज्यों के 98 कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

विचार विभाग की अ.भा. बैठक मुंबई के यशवंत भवन में हुई, जिसमें 18 प्रंातों से 55 कार्यकर्ता सहभागी हुए।

प्रांतशः बैठकें - सभी प्रातों की 18 जनवरी की रात्रि में बैठकें हुई। जिनमें परिचय, पंजीकरण, आवास व्यवस्था के अतिरिक्त प्रांत में हुए कार्यक्रमांे की आपस में जानकारी की गई। इसके अतिक्ति स्वदेशी पत्रिका की सदस्यता, साहित्य बिक्री व आगामी प्रांत की योजना के भी सुझाव लिये गये। केंद्रीय पदाधिकारी विभिन्न प्रांतों की बैठकों में उपस्थित रहे।

समानान्तर सत्र - इस सम्मेलन में एक सत्र समानान्तर सत्र का रहा, जिनमें 5 विषय रहे।
1. देशी चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य पर श्री अरूण ओझा व डाॅ. बलदेव ने हमारी देशी चिकित्सा का उपयोग व महंगी होती चिकित्सा व्यवस्था से मुक्ति के विषयों पर चिंतन किया।
2. वर्तमान के वैश्विक, आर्थिक मुद्दे पर प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, प्रो. बी.एम. कुमारस्वामी ने इस समय देश व दुनिया की आर्थिक परिस्थिति पर कार्यकर्ताओं से विस्तार से चर्चा की।
3. कृषि विषय पर श्री सतीश कुमार व श्री मोहन गांववासी ने चर्चा प्रारंभ की। कैसे कृषि को लाभ का विषय बना सकते है व शून्य बजट प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा विषमुक्त खेती कैसे बनें, इस पर सबके अच्छे सुझाव आये।
4. महिला एवं परिवार पर श्रीमति अमिता पत्की ने घर परिवार में स्वदेशी का प्रचलन कैसे बढ़े, इस पर चर्चा की।
5. स्टार्ट-अप एवं स्किल डवलपमेंट पर डाॅ. अश्वनी महाजन व श्री कमलजीत ने गत एक वर्ष में हुए प्रयोग
तथा भविष्य में इसके महत्व पर सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा की।

स्वदेशी संदेश यात्राः सम्मेलन के दूसरे दिन मदुरै नगर में एक भव्य स्वदेशी संदेश रैली का आयोजन हुआ। जिसमें सभी प्रांतों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने प्रांतों के बैनर व झंडे लेकर लगभग 2 किमी. लंबी यात्रा की। जिसका समापन वहां पर एक सार्वजनिक सभा में हुआ। जिसमें तमिलनाडू के स्थानीय लोगों ने भी अच्छी संख्या में सहभागिता की। इस सभा में तमिल टीवी कलाकार रंगराज पांडे ने हिन्दी व तमिल में भाषण कर समा बांध दिया। इसके अतिरिक्त झारखंड की बहन मधुमति, मजदूर संघ के श्री पवन कुमार, मंच के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री दीपक शर्मा ‘प्रदीप’, मंच के सहसंयोजक प्रो. बी.एम. कुमारस्वामी, श्री आर.सुन्दरम व अखिल भारतीय संघर्षवाहिनी प्रमुख अनन्दा शंकर पाणीग्रही ने संबोधित किया।

रात्रि में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

विशेष व्याख्यानः तीन विषयों पर विशेष उद्बोधन हुआ - 1. मंच के अ.भा. सहसंयोजक प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि विश्व निर्माण में हमारा हिस्सा 2.1 प्रतिशत है, जबकि आबादी में 17.6 प्रतिशत है। वहीं जापान का हिस्सा 10 प्रतिशत है, जबकि विश्व आबादी में केवल 1.6 प्रतिशत है। हमें इंडस्ट्री ग्रोथ के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को भी बढ़ाना होगा। दूसरा विषय डाॅ. अश्वनी महाजन का आर्थिक मुद्दों पर सरकार से संवाद का था, जिसमें उन्होंने ई-काॅमर्स, विनिवेश, आर.सी.ई.पी. (मुक्त व्यापार समझौते), डिफोर्टिफिकेशन के बारे में विस्तार से बताया। तीसरा विषय श्री सतीश कुमार का था, जिसका विषय-‘दत्तोपंत ठेंगड़ीः व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ था। उन्होंने उनके जीवन के विभिन्न पहलूओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कम्युनिस्टों का मुखर विरोध करते हुए भी व्यक्तिगत संबंध उनसे बहुत अच्छे बनाए रखे।

इसके अतिरिक्त डाॅ. अमिता पत्की ने पर्यावरण, श्री नागरत्नम नायडू ने कृषि में सफल प्रयोग, श्री योगानंद काले ने स्वदेशी आंदोलन की पूर्व व भावी दिशा पर उद्बोधन किया।

संगठनात्मकः मंच के राष्ट्रीय संगठक श्री कश्मीरी लाल ने 20 जनवरी 2019 को संगठनात्मक पहलूओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी जिलों में स्वदेशी की इकाई स्थापित करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में चल रही गतिविधियों व उनकी नेटवर्किंग की जानकारी भी दी व इसे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। तीनों विषय रोजगार, पर्यावरण व परिवार इस वर्ष भी अपने प्रमुख विषय रहेंगे। उन्होंने 15 फरवरी से 15 मार्च तक अपने-अपने प्रांत व जिलों में संपर्क अभियान लेने की योजना करने का कहा, जिसमें विदेशी-स्वदेशी सामान की सूचि का वितरण अवश्य हो। इसके अलावा आगामी वर्ष में 10 नवंबर 2019 से 2020 तक श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी की जन्मशताब्दी पर व्याख्यान माला व अन्य कार्यक्रमों को लेने का भी सुझाव दिया। उनका साहित्य पढ़ने, यूटयूब पर भाषण सुनने व अन्य तरीके से दत्तोपंत जी के जीवन व विचार को समझने का कार्यकर्ताओं को आग्रह किया।

आगामी कार्यक्रम - संगठनात्मक सत्र में श्री कश्मीरी लाल ने निम्नलिखित आगामी कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की-
1. 15 फरवरी से 15 मार्च - संपर्क अभियान
2. कार्यसमिति बैठक - 30-31 मार्च 2019 (दिल्ली स्वदेशी कार्यालय)
3. राष्ट्रीय परिषद बैठक - 8-9 जून, पुणे (महाराष्ट्र)
4. स्वदेशी सप्ताह - 25 सितंबर से 2 अक्टूबर
5. श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी कार्यक्रम - 10 नवंबर से प्रारंभ
6. 12 दिसंबर - बाबू गेनू बलिदान दिवस (स्वदेशी दिवस)

नई नियुक्तियां - राष्ट्रीय संयोजक श्री अरूण ओझा ने निम्नलिखित नई नियुक्तियों एवं दायित्वों की जानकारी दी-
अखिल भारतीय दायित्व: 1. श्री अजय पत्की- अ.भा. सहसंयोजक, 2. श्री सतीश कुमार- अ.भा. विचार विभाग प्रमुख व उत्तर क्षेत्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश संगठक (पूर्ववत), 3. डाॅ. राजकुमार चतुर्वेदी- अ.भा. सहविचार विभाग प्रमुख, 4. श्री कमलजीत- अ.भा. सह संपर्क प्रमुख व दिल्ली हरियाणा संगठक (पूर्ववत), 5. श्री वंदेशंकर- अ.भा. सह संघर्षवाहिनी प्रमुख, 6. श्री सरोज मित्र- अब वे कंेद्रीय कार्यालय व अर्थ विषयों में मार्गदर्शन करेंगे।

क्षेत्रीय दायित्वः उत्तर क्षेत्रः सह क्षेत्र संयोजक - डाॅ. राजकुमार मित्तल स राजस्थान के तीन प्रांत रहेंगे, राजस्थान क्षेत्र संयोजक- डाॅ. धर्मेंद्र दुबे स म.प्र. के तीन प्रांत रहेंगे, मध्य क्षेत्र संयोजक- डाॅ. राघवेन्द्र सिंह चंदेल (पूर्ववत)।

प्रांतीय दायित्वः तमिलनाडू -1. श्री आदिशेषन- प्रांत संयोजक, 2. श्री चन्द्रन- प्रचार प्रमुख, 3. श्रीमित उमा मुरूगन- महिला प्रमुख, 4. श्री श्रीधरन- चैन्नई विभाग संयोजक, 5. श्री राजा जी- मदुरै विभाग संयोजक, 6. पूमारन- मदुरै सहविभाग संयोजक

कर्नाटक - 1. श्री महादेवेय्या- राष्ट्रीय परिषद सदस्य, 2. श्री विजय कृष्णा- सह प्रांत संयोजक, 3. प्रो. सत्यनारायण- सह-प्रांत विचार प्रमुख, 4. श्री बाबू जी - प्रांत कोष प्रमुख एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य

तेलंगाना - 1. श्री नागरत्नम नायडू- सह प्रांत संयोजक, 2. श्री सुरेश- रा.प. सदस्य

महाराष्ट्र - महाराष्ट्र को चार प्रांतों में विभाजित किया गया -
1. विदर्भ- प्रांत संयोजक-श्री शिरीश तारे, 2. देवगिरी- प्रांत संयोजक-श्री प्रताप मूले, 3. पश्चिम महाराष्ट्र- प्रांत संयोजक-श्री सुहास यादव

गुजरात - श्री चैतन्य भट्ट-सह प्रांत संयोजक

मध्य प्रदेश - म.प्र. को 3 प्रांतों में विभाजित किया गया - 1. महाकौशल - सह प्रांत संयोजक-श्री चंद्रमोहन साहू, 2. मध्य भारत - प्रांत संयोजक-श्री अरूषेंद्र शर्मा, सह प्रांत संयोजक- श्री अखिलेश तिवारी व श्री बाबूराम जी, 3. मालवा - प्रांत सहसंयोजक- श्री सुरेश बिचैलिया व श्री हरिओम जी

राजस्थान - अब तीन प्रांत होंगे व राजस्थान क्षेत्र कहलायेगा। 1. चित्तौड़ प्रांत - प्रांत संयोजक-श्री सतीश आचार्य, प्रांत सहसंयोजक-श्री भगवती जगेटिया, 2. जोधपुर प्रांत - प्रांत संयोजक-श्री अनिल वर्मा, प्रांत सहसंयोजक- श्री प्रमोद पालीवाल व श्री अनिल शर्मा, 3. जयपुर प्रांत - प्रांत संयोजक-डाॅ. शंकर लाल, प्रांत संहसंयोजक- श्री सुरेश खंडेलवाल, सहप्रांत संयोजक-श्री सुदेश सैनी।

हिमाचल प्रदेश - श्री गौतम कश्यप-प्रांत सहसंयोजक

हरियाणा - 1. प्रो. सोमनाथ सचदेव-सह प्रांत संयोजक, 2. श्री संजय सूरा-सह प्रांत संयोजक।

दिल्ली - श्री विकास चैधरी-सह प्रांत संयोजक

प.उ.प्र. - श्री लवकुश मिश्रा-सह प्रांत संयोजक

उत्तराखंड - श्री मोहन गाववासी- रा.प. सदस्य

उड़ीसा - 1. श्री आशुतोष मुखर्जी- रा.प. सदस्य, 2. श्री मनोरंजन राउत- प्रांत संघर्षवाहिनी प्रमुख

बिहार - दो प्रांत रहेंगे- 1. उत्तर बिहार- प्रांत संयोजक-श्री विजय सिंह, 2. दक्षिण बिहार- प्रांत संयोजक-श्री यदुनंदन प्रसाद

प.बंगाल - 1. श्रीमति वाणी सरकार- रा.प. सदस्य व प्रांत महिला प्रमुख, 2. श्री अमिय सरकार- रा.प. सदस्य

समारोपः 20 जनवरी को समारोप में सभी कार्यकर्ताओं की योजना की जानकारी देने के बाद राष्ट्रीय संयोजक श्री अरूण ओझा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आगामी दिनों में अपने राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वहन करने हेतु प्रबल जनजागरण करें। उन्होंने कहा कि अब विश्व में हवा उल्टी बहने लगी है। सीमा खोलने की बात करने वाले अब सीमाएं बंद करने मंे लगे हैं। निर्यात आधारित चीनी अर्थव्यवस्था के विकास की रूदन कथा लिखी जाने वाली है। अब अमरीका, यूरोप में स्वदेशी चलने लगा है। पश्चिम का सूरज डूब रहा है। शीघ्र ही दुनिया में स्वदेशी दृष्टिकोण का बदलाव आने वाला है।

वन्देमातरम् गान के साथ ही तेरहवां राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हो गया।


Minutes .

13th National Convention of Swadeshi Jagran Manch held at Madurai (Tamil Nadu) from January 18-20, 2019: Proceedings and Decisions Taken

Dear Sir/Madam,

The 13th National Convention of Swadeshi Jagran Manch, begin at 10:00 a.m. with the song of Rekindling of Swadeshi Thought (Swadeshi Bhaav Phir Jage) at R.L. Group of Educational Institutions, T.V.R. Nagar, Arupukottai, Main Road, Madurai, TamilNadu-625022. National Convener of Swadeshi Jagran Manch, Shri Arun Ojha, its National Co-Conveners– Sh. Saroj Mitra, Dr. Ashwani Mahajan, Prof. B.M. Kumaraswami, Shri R. Sundram, National Organiser Sh. Kashmiri Lal, Industrialist and Chief Guest Sh. Mutthu Ji, the grandson of Chidambaram Pillai, Sh. Chidambaram Ji, Sh. Pawan Kumar from Bhartiya Mazdoor Sangh and Sh. J.R. Jagdish from Vidya Bharati, inaugurated the convention by lighting the lamp of knowledge.

Inaugural Session
Shri R. Sundram, welcomed all the office bearers and representatives present in the Madurai Convention and had a brief address. The Chairman of the Organising Committee, Shri Satish Kumar introduced with the Madurai Convention’s theme and explained why in India we need to have swadeshi movement at this stage. Sh. Deepak Sharma ‘Pradip’ (Akhil Bhartiya Prachar Pramukh) shared the important information and knowledge about the Prachar Vibhag of SJM and informed how the proceedings of Madurai Convention is being made live on social media.

Shri Chidambaram, the Chief Guest delivered his inaugural address by mixing Hindi, Tamil and English languages. He informed that his grandfather, late Shri Chidambaram Pillai had launched the first steamship in 1906 in India. He considered Gangadhar Tilak as his guru. Pillai Jiwas a lawyer and Union Leader. He is also considered as India’s first ship -manufacturer.

Shri MuttuJi, the owner of sesame oil brand “IDHAYAM (Heart)” informed the delegates that we not only have helped India in making it self-reliant in production of sesame oil but also have contributed significantly in export of sesame oil. Our annual turnover is to the tune of rupees 1190 crore and through indigenous efforts are generating employment and spreading prosperity successful.

Shri Ajay Patki: Akhil Bhartiya Vichar Vibhag Pramukh Sh. Ajay Patki highlighted on the journey of development of Swadeshi. He introduced the delegates present withthe Swadeshi’s successful campaigns launched from time to time and also with the journey of struggle it has gone through over time. He narrated the Swadeshi’s journey from Sampark Abhiyaan started in 1993 to the conference on employment held in Mumbai this year. He explained in detail the issues such as writing of book titled Hindu Economics by Dr. MG Bokre, the first National Convener of SJM, campaign against Enron Power Project, Sagar Yatra to protect fishermen, participation of swadeshi experts authorities in WTO ministerial meetings, solidarity in protection of retailers, campaign against GM crops & bye-cot of Chinese products raised by SJM over the years.

Shri Arun Ojha highlighted the activities of SJM being carried throughout the year. He in his address covered the important activities such as workshops and seminars on employment, activities on protection of environment and families, information about the Vichar Varg being organised, and a campaign against the Flip-kart -Walmart dealcarried out by the Manch. He pointed out that issues related to agriculture, unemployment, health& medicine, environment etc. needs serious discussion and the present structure of development in this light needs to be changed. He further said that we will have to change the structure of development while considering agriculture, unemployment, medicine and environment at the central stage. India has old experience of this sustainable model of development.

Shri Shri Ravi Shankar Maharaj: Shri Shri Ravi Shankar Ji Maharaj and dignitaries present on the stage released the three books - Swadeshi Vikas Yatra, RCEP and World Trade War.Through his blessings he guided the delegates and said that India has unity in diversity. Om Namah Shivaya resonates in different parts of the world and India. We must feel proud of our culture. Today, there is a need to come out of cultural slavery in which we today live. India will become a world guru. Today, our yoga has got respect and recognition in the world. Even if expensive, we should buy swadeshiproducts.

Progress Reports
State Conveners and Heads presented the report on activities and programmes being carried out in their respective states through out the year. According to them, the units of Swadeshi Jagran Manch are active in all 25 States and around 400 districts across the country.In most of the States, Vichar Varg, Swadeshi Week (Sept. 25 - Oct. 2), Swadeshi Day-Babu Genu Sacrifice Day (December 12) are organised. A grand functionof citizens wasorganised on the birthday of Rastra Rishi Dattopant Thangdi Ji in Delhi on November 10, 2018 and is note worthy. A special lecture on this occasion was delivered by RSS Chief Dr. Mohan Bhagwat ji. Similarly, seminars on rivers were organised in Odisha. There were programs at various places on a topic of “Tab Khadi-Ab Khaad”. There have been meetings, programs and seminars throughout the country on environment and family.

Programs/seminars in different universities of the country were organised on the subject of employment generation. In particular, Heads of agriculture, industry, Vice-Chancellors of different Universities gathered together in Chandigarh, Udaipur, Delhi and Mumbai to discuss how to generate more employment in the economy. Seminars in all 22 districts of Haryana were organised. Apart from this, the grand Swadeshi Melas were organised in the states of Jharkhand, Odisha, Chhattisgarh, Karnataka, Delhi and Haryana. The activities of start-ups and micro credit distribution have also increased in states. In nutshell, each state organised some special program/activity. Apart from this, the information about the publication of small booklets on Swadeshi Vikas Yatra, Rojgar and Swadeshi Path, Free Trade Agreements (TB) and World Trade War was also brought to the notice during progress presentation.

Resolutions Passed
1. Infiltration and its Impact on Indian Economy - Sh. Amalan Kusum Ghosh in English and Sh. Manoj Kumar Singh in Hindi read the resolution.
2. RCEP: Not in India’s Interest (Free Trade Agreement of 16 Countries) - Dr. Ashutosh in English and Dr. Ashwani Mahajan in Hindi read the agreement.
3. Imperative to have strong E-Commerce Policy - Dr. Raghavendra Chandel read the resolution in Hindi.
4. Swadeshi Model of Development is the Solution – Sh. Mahadevaya in English and Sh. Annada Shankar Panigrahi in Hindi read the resolution.

Akhil Bhartiya Vichar Varg
This year, 5 Akhil Bhartiya Vichar Varg were organised at different places in the country. Total number of 779 karyakartas were present in these Varg and got the guidance of All India Authorities of SJM and subject experts. The Vichar Varg of Uttar Kshetra and Rajasthan was organised at Kurukshetra (Haryana), of Uttar Pradesh and Uttarakhand in Shahjahanpur, of Central and Western Region at Durg (Chattisgargh) & of Eastern region at Tarapeeth (West Bengal).

This year, All India Meeting of Sangarsh Vahini was held at Jaipur (Rajasthan) in which 98 Karyakartas’ from 14 States participated.

The All India meeting of Vichar Vibhag was held at Yashwant Bhawan in Mumbai, in which 55 Karyakartas’ from 18 States participated.

State-wise Meetings
A meeting of States was held in the night of 18th January. Mutual exchange of Information regarding introduction of Karyakartas’, registration, arrangement of accommodationbesides programmes being conducted in the State took place in the meeting. In addition to this, suggestions were sought regarding membership of Swadeshi Patrika, sale of literature and future programmes in the State. Central authorities were present in these meetings.

Parallel Sessions
In the Madurai Convention, one parallel session in which following five subjects were discussed, was conducted:
1. Indigenous Medicines and Health Care: Sh. Arun Ojha and Dr. Baldev discussed the topic of indigenous medicines and public health care systems. They discussed on how to increase the use of domestic medicines and health care systems including the discussion on how to get rid of present costlier system of health care.
2. Global Economic Issues: Prof. Bhagwati Prakash Sharma and Prof. BM Kumaraswamy discussed about the prevailing economic situation in the country and in the world with the Karyakartas’.
3. Agriculture: Discussion on the subject of agriculture was initiated by Sh. Satish Kumar and Sh. Mohan Gaanvwasi. Important suggestions were made to make agriculture profitable, move towards zero budget &organic farmingincluding suggestions to make ittoxic free.
4. Women and Family: Dr. Amita Pataki discussed on how to increase Swadeshi in families and homes.
5. Start-up and Skill Development: Dr. Ashwani Mahajan and Sh. Kamaljeet discussed the different experimentsconducted in the last one year in this direction and its importance in the time to come.

Swadeshi Sandesh Yatra
On the 2ndday (19 Jan.) of the convention, a grand Swadeshi Rally was organized in Madurai city in which, the Karyakartas’ of all States participated with banners and flags of their respective State. The Sandesh Yatra was of about 2 KMs and concluded with a public meeting. The local people of Tamil Nadu in good numbers participated in the Yatra and attended the rally. In this meeting, a spell-bound speech by Tamil T.V. Artist Shri Rangaraj Pandey was delivered in Hindi and Tamil languages. The gathering was also addressed by Sister Madhumati from Jharkhand, Sh. Pawan Kumar (BMS), Sh. Deepak Sharma ‘Pardip’, Prof. B.M. Kumarsaswamy (National Co-convenor, SJM), Sh. R. Sundaram and Sh. Annada Shankar Panigarhi (Akhil Bhartiya Sangharsh Vahini Pramukh of S.J.M.)

A grand cultural program was also organized in the night.

Special Lectures
Special lectures on three topics were delivered. First, Prof. Bhagwati Prakash Sharma delivered a lecture on current global economic scenario andpointed out that our share in world’s manufacturing is just 2.1 % while our share in world’s population is 17.6%. On the other hand, Japan’s share is 10 % and has just 1.6% of the world’s population. We have to strengthen the food processing industryalong-with industrial growth in the country.

Second, Dr. Ashwani Mahajan spoke on the importance of dialogue with Government on economic issues such as e-commerce, dis-investment, RCEP, de-fortification etc. He discussed all these issues in detail. Third, Shri Satish Kumar, spoke on the topic ‘Dattopant Thangadi: Personality and Creativity’. He highlighted the various aspects of his life and pointed out that while having open opposition with communists, he maintained good personal relations with them.

Besides them, Dr. Amita Pataki spoke on environment, Shri Nagrattnam Naidu on successful experiment in agriculture and Shri Yoganand Kale on Swadeshi Andolan – past and future.

Organizational Matters
Sh. Kashmiri Lal (National Organizer of SJM) while speaking on organizational issues, called upon the delegates to establish Swadeshi Units in all districts. He also informed them about the activities of SJM in schools, colleges and universities and how networking efforts needs to be enhanced in this directions. He further stated that employment, environment and family, all these three issues shall remain important this year also. He asked the delegates to organize Sampark Abhiyan from 15th February to 15th March in all Districts of the States and distribute the list of foreign and swadeshi products. He suggested to have special lectures and seminars between November 10, 2019 to November 10, 2020 to celebrate the birth centenary of Dattopant Thangdi Ji. Karyakartas’ should read and understand more of Dattopant Ji through reading of literature and listening of his lectures available on YouTube and other media.

Forthcoming Events
Shri Kashmiri Lal Ji provided information to the delegates about the forthcoming programmes –
1. February 15 to March 15 – Sampark Abhiyan
2. Executive Council Meeting – 30-31 March 2019 (Delhi office of Swadeshi Jagran Manch)
3. National Council Meeting - 8-9 June, Pune (Maharashtra)
4. Swadeshi Week - September 25 to October 2.
5. Dattopanth Thangdi Birth Centenary Programs - Starting from 10th November
6. December 12 – Babu Genu Sacrifice Day (Swadeshi Day)

New appointments
National Convener of SJM, Shri Arun Ojha Jimade the announcement of new appointments and responsibilities:–

All India Responsibilities: 1. Shri Ajay Pataki– All India Co-convenor, 2. Sh. Satish Kumar – Akhil Bhartiya Vichar Vibhag Parmukh and Organizer Uttar Kshetra, Rajasthan and Madhya Pradesh, 3. Dr. Rajkumar Chaturvedi – Akhil Bhartiya Sah Vichar Vibhag Parmukh, 4. Sh. Kamaljeet – Akhil Bhartiya Sah Sampark Parmukh and organizer Delhi and Haryana, 5. Sh. Vande Shankar – Akhil Bhartiya Sah Sangharsh Vahini Parmukh, 6. Sh. Saroj Mitra – henceforth shall provide guidance at Central Office, Delhi and on economic issues.

Regional Responsibilities: Uttar Kshetra: Sah Kshetriya Sanyojak - Dr. Rajkumar Mittal; Rajasthan shall remain divided in three States, Rajasthan Kshetriya Sanyojak– Dr. Dharmendra Dubey; Madhya Pardesh is divided in three states. Madhya Kshetra Sanyojak- Dr. Raghavendra Singh Chandel.

State Responsibilities: Tamil Nadu: Shri Adisheshan – Prant Sanyojak, 2. Sh. Chandran –Prachar Parmukh, 3. Smt. Uma Murugan – Mahila Parmukh, 4. Sh. Sreedharan - Chennai Vibhag Sanyojak, 5. Sh. Raja - Madurai Vibhag Sanyojak, 6. Poomaran - Madurai Sah Vibhag Sanyojak.
Karnataka– 1. Sh. Mahadevaya – Member Rashtriya Parishad, 2. Sh. Vijay Krishna – Sah Prant Sanyojak, 3. Prof. Satyanarayan- Sah Prant Vichar Vibhag Parmukh 4. Sh. Babu Ji – Prant Kosh Parmukh and Member Rashtriya Parishad.
Telangana - 1. Sh. Nagratanam Naidu– Sah Prant Sanyojak, 2. Sh. Suresh - Member Rashtiya Parishad.
Maharashtra– Maharashtra is divided into four States - 1. Vidarbha– Prant Sanyojak – Sh. Shirish Tare, 2. Devgiri– Prant Sanyojak - Sh. Pratap Mulle, 3. West Maharashtra Prant Sanyojak – Sh. Suhas Yadav.
Gujarat– Sh. Chaitanya Bhatt – Sah Prant Sanyojak.
Madhya Pradesh– is divided into 3 States- 1. Mahakaushal– Sah Prant Sanyojak- Sh. Chandramohan Sahu, 2. Central India– Prant Sanyojak – Shri Arushendra Sharma, Sah Prant Sanyojak- Mr. Akhilesh Tiwari and Shri Baburam Ji, 3. Malwa – Prant Sah Sanyojak – Sh. Suresh Bechaulia and Shri Hariomji
Rajasthan – It has three states and will be known as Rajasthan Kshetra. 1. Chittaur Prant – Prant Sanyojak - Sh. Satish Acharya, Prant Sah Sanyojak- Sh. Bhagwati Jagetia,
2. Jodhpur Prant - Prant Sanyojak – Sh. Anil Verma, Prant Sah Sanyojak – Sh. Pramod Paliwal and Sh. Anil Sharma,
3. Jaipur Prant – Prant Sanyojak - Dr. Shankar Lal, Prant Sah Sanyojak – Sh. Suresh Khandelwal, Sah Prant Sanyojak – Sh. Sudesh Saini.
Himachal Pradesh– Sh. Gautam Kashyap– Prant Sah Sanyojak.
Haryana– 1. Prof. Somnath Sachdev - Sah Prant Sanyojak, 2. Sh. Sanjay Sura – Sah Prant Sanyojak.
Delhi - Shri Vikas Chaudhary – Sah Prant Sanyojak
Pashim UP– Dr. Love Kush Mishra – Sah Prant Sanyojak
Uttarakhand– Sh. Mohan Gaanvwasi– Member Rashtriya Parishad
Odisha– 1. Sh. Ashutosh Mukherjee- Member Rashtriya Parishad, 2. Sh. Manoranjan Rout – Prant Sangharh Vahini Parmukh
Bihar – Shall have two States - 1. Uttar Bihar- Prant Sanyojak- Sh. Vijay Singh, 2. South Bihar – Prant Sanyojak-Sh. Yadunandan Prasad
West Bengal – 1. Mrs. Vaani Sarkar - Member Rashtriya Parishad and Prant Mahila Parmukh, 2. Sh. Amiya Sarkar - Member Rashtriya Parishad.

Valedictory Session
On 20th January, after giving information about all forthcoming programmes, the National Convener Sh. Arun Ojha called upon the Karyakaras’ to generate public awareness in the coming days for fulfilling their national duty. He said the trend in the world is changing and this wind of change has started blowing in the reverse direction. Those who advocated to open the borders have now started advocating their closure. The story of decay of Chinese export oriented economy is going to be written down soon. The wind of Swadeshi is blowing in America and Europe. West is facing the situation of sunset. Soon the world is going to follow the approach of Swadeshi for its development.

The 13th National Convention ended with Vande Mataram.

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