स्वदेशी जागरण मंच तथ्य देगा तो फ्लिपकार्ट-वालमार्ट डील का भी परीक्षण कर सकता है सीसीआई

केन्द्रीय कारपोरेट, विधि एवं न्याय मंत्री पी.पी.चौधरी रविवार को बीकानेर में थे। ‘भास्कर’ से बातचीत में उन्होंने अपने मंत्रालयों से जुड़ी बारीकियों के साथ प्रदेश और देश के राजनीतिक हालात तक विभिन्न मुद्दों पर विचार रखे। प्रस्तुत है प्रमुख अंश :-

Q| गूगल पर 135.86 करोड़ का जुर्माना लगा, कारपोरेट मंत्रालय ने मार्केट पर अपनी पैनी नजर का परिचय दिया है। क्या बाकी कंपनियों से जुड़े मामलों में भी ऐसे ही सख्त निर्णय सामने आएंगे।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ऑनलाइन सर्च इंजन गूगल को प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने हुए पाया। प्रभुत्व के दुरुपयोग के लिए प्रतिस्पर्धा-रोधी व्यवहार करने पर गूगल पर 135.36 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। यह महज एक उदाहरण है, इससे भी कई गुना तक जुर्माना कई कंपनियों पर लगाया गया है।

Q| वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट डील पर भी विरोध हुआ है। कंपनियों में घबराहट है। स्वदेशी जागरण मंच ने इसके विरोध में बाकायदा अभियान चलाया है। इस पर कोई विचार या हस्तक्षेप की जरूरत है?

किसी भी डील की नेचर में खरीदना, विलय होना और प्रभुत्व के दुरुपयोग के लिए प्रतिस्पर्धा रोधी व्यवहार करना जैसे कई बिंदु शामिल होते हैं। स्वदेशी जागरण मंच यदि इस डील के संबंध में देशहित या आम आदमी के हित से जुड़े तथ्य देगा तो सीसीआई इस मामले में भी जांच कर सकता है।

Q| हाईकोर्ट्स में 42.70 लाख, जिला-अधीनस्थ न्यायालयों में 2.60 करोड़ मामले त्वरित न्याय के सभी दावों की वास्तविकता बताते हैं। इसके लिए न्यायाधीशों के खाली पड़े पद मोटे तौर पर जिम्मेवार हैं। इन पदों को भरने में ढिलाई क्यों?

केन्द्र सरकार के स्तर पर कोई ढिलाई नहीं हो रही। हाईकोर्ट में भर्ती के लिए कॉलेजियम की ओर से नाम तय होकर आने के बाद सरकार को भेजने हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में हाईकोर्ट की जरूरतों के मुताबिक प्रदेश सरकारों को भर्ती करनी है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार राज्यों में खाली पड़े अधीनस्थ न्यायालयों के लगभग पांच हजार पदों को भरने के लिए सलाह देने का काम कर सकता है, वह दे रहे हैं।

.....
https://www.bhaskar.com/rajasthan/bikaner/news/latest-bikaner-news-034503-1875974.html