रिटेल एफ.डी.आई. विरोधी जुटान, 7 मई 2013, नई दिल्ली

7 मई 2013 को संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली स्थित कांस्टीटयूशन क्लब में नवनिर्मित विशाल एनेक्सी हाॅल में आयोजित किया जायेगा। यह कार्यक्रम प्रात 10.00 बजे प्रारंभ होकर सायंकाल 5.00 बजे तक चलेगा। इस जुटान में देश भर के सभी व्यापारी, लघु उद्योग, ट्रांसपोर्ट, हाॅकर्स, किसान, मजदूर, उपभोक्ता, ।च्डब्ए छात्र एवं अन्य दलों व संगठनों के जिला/प्रांत/क्षेत्रीय/राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया जायेगा। सभी प्रांत अपने यहां इस संबंध में सूचियां तैयार करके श्री दीपक शर्मा ‘प्रदीप’ (9810454566) को शीघ्रता से भेजें तथा स्वयं उन संगठनों से शीघ्र संपर्क स्थापित करे।


सभी प्रांतों ने अपने यहां से एक अथवा दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को इस जुटान के लिए नामित करना है। ये कार्यकर्ता जुटान के संबंध में प्रांत में गतिविधियों को समन्वय करेंगे। तथा केंद्र से भी संपर्क, समन्वय एवं शीघ्रतिशीघ्र सूचियों को भिजवाने की व्यवस्था करेंगे। सभी सूचियां deepaksharmapradip@gmail.com and swadeshipatrika@rediffmail.com पर दिनांक 7 मार्च 2013 तक मेल करनी है। निम्नलिखित प्रांतों ने कार्यकर्ताओं को नामित कर दिया है-

झारखंड- श्री राजेश उपाध्याय (09955865072), राजस्थान- श्री संदीप काबरा (9828108017), श्री विष्णु चेतानी (09414061961), श्री महेश नवहाल (09587405051, 09414148406), पश्चिमी उत्तर प्रदेश- श्री संजीव महेश्वरी (9412257055, 09319104132), श्री मनीष अग्रवाल (09319466666), अवध- श्री श्यामजी कुमार (09335903478), काशी- श्री सुरेश मिश्रा (09415204128), महाकौशल (म.प्र)- श्री विनायक राव ताम्बे (09424940892), मध्य भारत (म.प्र)- श्री पवन महेता (09425445202), श्री श्रीकांत बुधोलिया (09425407359), मालवा (म.प्र.)- श्री बलराम वर्मा (09425059050), पंजाब- श्री विनोद ऋषि (09417265637), केरल- श्री के.जनार्दनन नायर (09495994119), कर्नाटक- श्री के.महादेवैया (08472245002, 09483097894), श्री रवीश (09844014859), दिल्ली- श्री सुशील पांचाल (09899155224), श्री राजकुमार भाटिया (09811058810, 09899441801), श्री कमल तिवारी (09810492569), बिहार- श्री मुरारी झा (09546891151), गुजरात- श्री धीरेन्द्र भाई जेठवा (09924187401), महाराष्ट्र- श्री किशोर काले (09423102802), आंध्र प्रदेश- श्री एल. वीरगोपाल (09440840199), श्री पी. श्रीनाथ (09391018296), श्री दयानन्द (09849909785), तमिलनाडू- श्री ए. ईलम कुमार सम्पत (09363338885, 09364338885), छत्तीसगढ़- श्री दिनेश पाटिल (09424103303, 08959000033), उड़ीसा- डाॅ. धीरेन्द्र नन्दा (09337541063, 09437006725), बंगाल- श्री सुब्रतो मंडल (08942874012, 09433905022), हिमाचल प्रदेश- श्री हेमराज पठानिया (09418007122), हरियाणा- श्री बलराम नंदवानी (09812041700)।


उपरोक्त सभी कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने प्रांतों में रिटेल एफ.डी.आई. विरोधी जुटान के संबंध में गतिविधियों का समन्वय करना है। सभी वर्गों के नेताओं को संपर्क करना, उनकी सूचियां बनाकर तुरंत दिल्ली केंद्रीय कार्यालय को भेजना, उनके रेल आरक्षण आदि की चिंता करनी है। इस संबंध में अपने-अपने प्रांतों में बैठकें, कार्यक्रम, पत्रकार वार्ताएं भी आयोजित करनी है। कार्यसमिति बैटक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बुरी तरह घिर चुकी है, इस अवसर को गंवाना उपयुक्त नहीं होगा। अतः सभी प्रांतों ने पूरी शक्ति लगाकर इस संबंध में जुट जाना है।


दिनांक 20 मार्च 2013 को नई दिल्ली स्थित कार्यालय में इस कार्यक्रम के संबंध में एक बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें श्री श्याम बिहारी मिश्रा (अध्यक्ष भारतीय उद्योग व्यापार मंडल), श्री विजय प्रकाश जैन (09811150010, राष्ट्रीय महामंत्री, उद्योग व्यापार मंडल), श्री जितेन्द्र गुप्त (लघु उद्योग भारती), श्री प्रभाकर केलकर (राष्ट्रीय महामंत्री, भारतीय किसान संघ), श्री पवन कुमार (क्षेत्रीय मंत्री, भारतीय मजदूर संघ), श्री सतपाल मलिक (पूर्व केंद्रीय मंत्री), श्री युद्धवीर सिंह (राष्ट्रीय महामंत्री, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)), डाॅ. कृष्णवीर चैधरी (अध्यक्ष, भारतीय कृषक समाज), श्री ओमप्रकाश धनखड (अध्यक्ष, किसान मोर्चा), श्री रामपाल जाट (अध्यक्ष, किसान महापंचायत), श्री ऋषिपाल अम्बावत (अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (अ)), श्री वीरेन्द्र सिंह (पूर्व सांसद), श्री रामसिंह कसवां (सांसद), श्री समरपाल सिंह (पूर्व विधायक), श्री रघु यादव (पूर्व विधायक), श्री जगदीप धनखड (पूर्व केंद्रीय मंत्री), श्री हरजीत ग्रेवाल (अध्यक्ष, National Co-operative Federation), श्री राजकुमार भाटिया (APMC, सचिव, Chamber of Azadpur Mandi Fruit & Vegetable Traders), श्री मोहन गुरनानी (अध्यक्ष, Federation of Trade Associations of Maharashtra), श्री रविकांत गर्ग (पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश), श्री आशुतोष (महामंत्री, ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन), श्री आर.बी. सिंह राजपूत (अध्यक्ष, National Hawkers Federation), श्री बेजोन मिश्रा (Consumer Form), श्री बी.एस. सचदेवा (ग्राहक पंचायत), श्री सरोज मित्र, प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, श्री कश्मीरी लाल, डाॅ. अश्विनी महाजन एवं स्वदेशी आंदोलन के प्रखर नेता श्री मुरलीधर राव सहित अनेक महानुभावों ने भाग लेने की स्वीकृति प्रदान की है। इस बैठक में जुटान के संबंध में रूपरेखा तैयार की जायेगी।


श्री मुरलीधर राव ने कहा कि देश भर में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं से यदि बात करना आवश्यक हुआ तो सभी प्रांत उन कार्यकर्ताओं के नाम एवं दूरभाष नम्बर कार्यालय में श्री बलराज सिंह (09312844406), श्री भगीरथ (09540579100, 9251134177), श्री ए.जे. अनूप (09818028447) को सूचित करे। श्री मुरलीधर जी के कार्यालय से उन कार्यकर्ताओं से संपर्क एवं सहयोग किया जायेगा। श्री श्याम बिहारी मिश्रा (09415431364) जोकि भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक भी है, ने भी इसी प्रकार का आश्वासन दिया। इसी प्रकार से देश के अन्य सभी राजनैतिक दलों का सहयोग भी लेना है।


नागपुर सभा में गठित खुदरा एफ.डी.आई. कार्यदल के निम्नलिखित सभी सदस्यगण इस संबंध में गतिविधियों का समन्वय करेगें। श्री अन्नदा शंकर पाणीग्रही (09437783735, 9437063580), श्री कृष्ण कुमार शर्मा (09417464856, 9876665437), श्री जगतनारायण सिंह (09425177147), श्री बंदेशंकर सिंह (09431179660, 8987517941), श्री के.जगदीश राव (09448846035), श्री रामनम्बी नारायण (09443140930), डाॅ. सुभाष शर्मा (08968898888), श्री मुकुल रंजन (08002315147, 09234778246)।



रिटेल एफ.डी.आई. का सीधा सा अर्थ है भयानक बेरोजगारी।


यह जुटान आप सबका है। अतः आप अपनी ओर से भी इस सूचना को देश भर में प्रसारित करके आंदोलन का निर्माण करने में सहयोग करे।



खुदरा व्यापार में FDI का हम विरोध करते हैं
? क्यों ?

ट्रांसपोर्ट प्रकोष्ठ

परिवहन विभाग में पंजीकृत देश भर में लगभग 63 लाख ट्रक दिन-रात किसानों, व्यापारियों एवं उद्योगों का माल ढोते हैं। इनमें माल लादने और उतारने में करोड़ों मजदूर अपनी आजीविका चला रहे हैं। साथ ही साथ इन ट्रकों की मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य में भी करोड़ों नागरिक कार्यरत है। इन ट्रकों के द्वारा ढाबों पर कार्यरत करोड़ों नागरिकों को भी रोजगार प्रदान किया जाता है। यदि एक ट्रक पर औसत 2 डाईवर, 2 हेलपर एवं एक स्वामी मान लिया जाए तो लगभग 3 करोड़ लोगों को सीधा रोजगार मिला हुआ है। इसके अलावा टेम्पो, छोटे टेम्पो, रिक्शा एवं ठेलीवाले अलग है।



खुदरा व्यापार में FDI लाने के कानूनी प्रावधान के साथ साथ यह सरकार अनेक ऐसे कानून भी पारित करती जा रही है कि जिससे आम ट्रांसपोर्ट के लिए इन कंपनियों का माल ढोना ही कठिन हो जायेगा। छोटे टेम्पो, रिक्शा, ठेली वालों को तो ये कंपनियां वैसे भी अपने परिसर में घुसने नहीं देती है।



उदाहरण के लिए सरकार के द्वारा हाल की में पारित किये गये Food Safety and Standard Act के प्रावधानों को ध्यान से देखें तो साधारण ट्रक वाला इनका माल ढो ही नहीं सकता। खाद्य एवं अन्य वस्तुओं को ढोने के दौरान ट्रक का निश्चित तापमान, स्वच्छता के मानक आदि की आड़ में ट्रांसपोर्ट उद्योग को भी बड़ी कंपनियों के हवाले करने की भूमिका बनाई जा रही है।



राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण की योजना बनाते समय इस बात का ध्यान ही नहीं रखा जा रहा कि इतनी भारी मात्रा में चलने वाले ट्रक एवं अन्य वाहन सड़क के किनारे आने वाले गांवों के नौजवानों द्वारा चलाए जा रहे ढ़ाबों पर पहुंच सके। इस प्रकार से योजनाएं बनाई जा रही है कि ये वाहन चालक वहीं पर ही अपना भोजन-जलपान इत्यादि करे जहां पर राजमार्ग बनाने वाली कंपनियों के द्वारा बड़े-बड़े रेस्टोरेंट को स्थान (Rest Area) आवंटित किया गया है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र में ढ़ाबा चलाने वाले करोड़ों नौजवानों के रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है। साथ ही साथ वाहन चालकों को टोल टैक्स तथा पीने के पानी के लिए भी भुगतान करना पड़ रहा है।



योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर वर्ष 2001 में प्रस्तुत की गई अपनी रिपार्ट में पहले ही इस क्षेत्र को बड़ी कंपनियों के हवाले करने की बात कह चुके है।



ट्रांसपोर्ट, किसान, उद्योग एवं व्यापारी की कडि़यां आपस में इस कदर गुथी हुई हैं कि यदि एक भी प्रभावित होता है तो बाकी कडि़या भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेगी।









अतः

देश का समुचा ट्रांसपोर्ट जगत खुदरा व्यापार में FDI का विरोध करते हुए अपने व्यापारी भाईयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

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