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Swadeshi Jagran Manch
National Council Meeting
27-28 June, 2015, Vijaywada (Andhra Pradesh)

स्वदेशी जागरण मंच
राष्ट्रीय परिषद बैठक
27-28 जून 2015, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश

बौद्धिक संपदा अधिकारों पर अमेरिकी चेतावनी, मात्रा एक दिखावा

स्वदेशी माॅडल से ही बचेगी धरती

एकमात्र जीवनपोषी ग्रह पृथ्वी तेजी से विनाश की ओर बढ़ रही है। अगले पचास वर्षों या उससे कम में ही इसका
पारिस्थितिक तंत्र नष्ट हो सकता है। जलवायु परिवर्तन पर बनी अंतर्राष्ट्रीय सचेतक संस्था (आई.पी.सी.सी.) ने 27
सितंबर, 2014 को अपनी 50वीं आकलन रिपोर्ट में इस संबंध में अंतिम चेतावनी दे दी है। इस रिपोर्ट के कुछ अंश
निम्नवत है -

1) आज वातावरण में पिछले 800,000 वर्षों से अधिक कार्बनडाइआॅक्साड, मीथेन, नाइट्रस आॅक्साइड जैसी हरित
प्रभाव उत्पन्न करने वाली गैसें हैं।

विदेषी कंपनियों को आमंत्रण बंद करो

स्वदेषी जागरण मंच की यह राष्ट्रीय परिषद सभा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों को आमंत्रण दिये जाने के लिए
गंभीर चिंता व्यक्त करती है। स्वदेशी जागरण मंच की यह स्पष्ट मान्यता है कि पिछले दो दशकों से चल रहे भूमंडलीकरण का देश
की अर्थव्यवस्था पर विध्वंसकारी प्रभाव पड़ा है। आज देश पर कर्ज जीडीपी का 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो हमें दुनिया के
सबसे अधिक कर्जदार देशों की श्रेणी में खड़ा कर रहा है। सरकार की हालिया रिपोर्ट के अनुसार 52 प्रतिषत ग्रामीण कर्ज में डूब
चुके हैं।

खेती में विदेषी प्रभाव समाप्त करो

पंूजी के अभाव, तकनीक विकास का अभाव, परंपरागत, रोजगार की समाप्ति, प्राकृतिक जैविक खेती
की समाप्ति ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग के खात्मे तथा पलायन की मार झेल रही भारतीय खेती एवं ग्रामीण
अर्थव्यवस्था की कमर पिछले दस सालों की आर्थिक नीतिओं ने और भी तोड़ दी है।

आज खेती, पषुपालन, मत्स्यपालन, वनोत्पाद संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ माॅन्सेन्टो
जैसी कंपनियेां की नजर भारत के प्राकृतिक क्षेत्र की जैवविविधता पर है और खेती का व्यवसायीकरण बढ़
रहा है तो दूसरी तरफ आधुनिक खेती के कारण भूमि के बंजरीकरण का उसरीकरण का संकट और ज्यादा

The US Threat on IPR, a mere Hoax

Swadeshi Model can only Save Earth

The Planet Earth our only sweet home, is speeding towards an ecological disaster may be in the next 50 years or even earlier. The final warning has been given by the I.P.C.C. which submitted its latest the 5th Assessment Report on 27th Sept.2013. Some of its findings are :-

1) There is more CO2, Methane, and Nitrons Oxide, in atmosphere to day than in the last 800,000 years.

2) Due to unabated Green House Gases emissions 20C barrier may be crossed by 2040.

3) By 2050 Arctic could be completely ice free.

Stop Inviting Foreign Companies

This Rashtriya Sabha of Swadeshi Jagran Manch expresses deep concern over government’s open invitation to foreign companies in different sectors. Swadeshi Jagran Manch firmly believes that the policy of globalization in the last more than two decades had a disastrous impact on the economy. Today debt on the country is nearly 70 percent of GDP, which makes the country one of the most indebted countries of the world. According to the latest report of the government 52 percent of rural households are reeling under debt.

Stop Foreign Dominance in Agriculture

Lack of capital investment, technological enhancement, killing of traditional occupation and natural way of organic farming, traditional way of creating employment opportunities, migration of agricultural labour has been reducing productivity and increasing cost has virtually broken back bone of farmers in last 10 years due to new economic policies.