सर्वोदय और एकात्म मानव दर्शन दोनों ही भारतीय चिंतन की ऐसी धरोहरें हैं जो आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शन देने मे...
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भारत को विदेशी व्यापार में ऐसी नीति अपनानी होगी जो एक ओर उच्च मूल्यवर्धित निर्यात से आर्थिक शक्ति बढ़ाए, और दूसरी ओर आवश्...
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स्वदेशी केवल एक आर्थिक अवधारणा नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक आत्म-सम्मान और सामाजिक न्याय का प्रतीक भी है। ...
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अमरीका को चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को अपनी मर्जी से प्रभावित करने की कोशिश ना करे, यही सभी के हित में होगा। - अनि...
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सही नीति यही होनी चाहिए कि सरकार गरीब को सशक्त और रोजगार क्षमता से युक्त करें ताकि वे आत्मनिर्भर हो सके, वरना भारत का नौ...
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गरीबी का उन्मूलन केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज में समावेशी विकास, शिक्षा का प्रसार, स्वच्छता,...
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बजट में विकसित भारत का लक्ष्य संजोते हुये इस विकास यात्रा के लिए चार शक्तिशाली इंजन की बात की गई है जो कृषि, एमएसएमई, नि...
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जरूरी है कि भारत अपनी आर्थिक नीतियाँ भारतीय विचार और भारतीय परिपेक्ष्य में निर्धारित करें और राजनीति को आर्थिक नीतियों प...
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स्वदेशी की यह भावना और कृति, न ही आक्रमकता की है, न ही स्पर्धात्मक। यह अपने राष्ट्र को आत्मनिर्भर और समृद्धि से संतुष्टि...
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रोज़गार समस्या की गंभीरता मुख्यतः पढ़े लिखे युवाओं की है। इसलिए सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में उपयोगी कृषि तथा उद्योग प्...
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