यकीनन कोविड-19 एक आपदा की तरह आया है, लेकिन प्रधानमंत्रा ने इसे एक अवसर की चुनौती की तरह लेने का आह्वान किया है। उम्मीद ...
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बैंकों का निजीकरण कर देने से सरकार को रकम का निवेश करने के स्थान पर रकम प्राप्त होगी। जैसे गराज में पड़ी पुरानी कार को गत...
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स्वच्छ वायु प्राण वायु है यह सब की पहली और आखिरी जरूरत है। इससे किसी भी प्रकार का समझौता लोगों के जीवन से समझौता होगा और...
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सरकारी होने में कोई वैचारिक दोष नहीं है। व्यवस्थापकीय दोष जहां होता है उसको ठीक करने की कोशिश होनी चाहिए। आशा है सरकार र...
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यह दुनिया के लिए एक सबक है। बहुआयामी गरीबी को भी दूर किया जा सकता है, इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और आवश्यक प्रयासों की...
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