रूस-यूक्रेन के बीच पिछले दो सालों से चल रहे युद्ध के दौरान ही इसराइल-हमास के बीच युद्ध के गहराने की आशंका के बीच महंगाई ...
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वैश्विक अर्थव्यवस्था पिछले 2 वर्षों से युद्धरत है। जिसमें पहले दुनिया को कोरोना जैसी महामारी से आई आर्थिक मंदी से जूझ रह...
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सवाल अहम है कि जिस रफ्तार से संख्या बढ़ रही है इतनी बड़ी जनसंख्या का आने वाले समय में पेट कैसे भरा जाएगा। - अनिल तिवारी ...
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पहाड़ों पर आई आपदाओं की श्रृंखला में यह मौजूदा आपदा भी मानव निर्मित ही है। पर्वतीय संसाधनों का अत्यधिक दोहन, विकास के नाम...
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जीएसटी प्रणाली के जरिए कर जटिलताओं को कम से कम किए जाने के कारण उद्यमशीलता को लगातार प्रोत्साहन मिला है। - अनिल तिवारी ...
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स्वदेशी तकनीक और हमारी युवा मेधा के बदौलत भारत हर दिन प्रगति की नई इबारत लिख रहा है। उम्मीद की जानी चाहिए कि नए साल में ...
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दुनिया का हर देश भारत की ओर ललचाई नजर से देख रहा है। हर कोई चाहता है कि इस संकट काल में भारत उसके साथ रहे। स्वास्थ्य आपद...
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मानव संसाधन अर्थ तंत्रा में महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है, लेकिन बड़ी जनसंख्या के बोझ से दबा कोई भी देश अपने मानव संसाधन...
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स्वावलंबी भारत अभियान का लक्ष्य भारत को प्राचीन दिनों की तरह समृद्ध भारत का लक्ष्य हासिल करना है। - अनिल तिवारी ...
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आर्थिक समीक्षा के अनुसार घटता एनपीए अनुपात, कारपोरेट क्षेत्र के मजबूत बुनियादी आधार के कारण बढ़ती ऋण ब्याज दरों के बावजूद...
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