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लालच छोड़ भोजन की शुद्धता के लिए जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा
लालच छोड़ भोजन की शुद्धता के लिए जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा
27 Sep 2024

किसान के सामने आर्थिक चुनौतियां हैं। वह अपनी पैदावार बढ़ाना चाहता है ताकि अधिक से अधिक मुनाफा कमा सके। इसलिए पेस्टीसाइड्स...

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वैश्विक सत्ताओं का बदलता स्वरूप
वैश्विक सत्ताओं का बदलता स्वरूप
27 Sep 2024

भारत की आर्थिक-राजनीतिक स्थिरता उनके लिये भी चुनौती है और इसी कारण हमें बड़ी ज़िम्मेवारी के साथ अपने नागरिक बोध, तथा कुटुं...

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यूपीएस: सरकार ने कदम नहीं खींचे, सुधार के साथ सहयोग के लिए बढ़ाया हाथ
यूपीएस: सरकार ने कदम नहीं खींचे, सुधार के साथ सहयोग के लिए बढ़ाया हाथ
27 Sep 2024

असल में सरकार ने अपने नए फैसले से नई पेंशन योजना को यूनिफाइड पेंशन योजना के जरिए कुछ और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास किया ...

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ई-कॉमर्सः भाव, भय और भर्त्सना
ई-कॉमर्सः भाव, भय और भर्त्सना
27 Sep 2024

ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बड़ी पूंजी, तकनीकी वर्चस्व और उनके विशाल आकार को देखते हुए उनकी प्रतिस्पर...

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बेरोज़गारीः आखिर इस मर्ज की दवा क्या है?
बेरोज़गारीः आखिर इस मर्ज की दवा क्या है?
25 Sep 2024

रोज़गार समस्या की गंभीरता मुख्यतः पढ़े लिखे युवाओं की है। इसलिए सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में उपयोगी कृषि तथा उद्योग प्...

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विनिर्माण क्षेत्र में बदलती भारत की तस्वीर
विनिर्माण क्षेत्र में बदलती भारत की तस्वीर
25 Sep 2024

भारत आज विनिर्माण क्षेत्र के कई ऐसे क्षेत्रों में कार्य करता हुआ दिखाई दे रहा है जिनमें कभी भारत का प्रभुत्व ही नहीं रहा...

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सेकुलर सिविल कोड और मुस्लिम समाज
सेकुलर सिविल कोड और मुस्लिम समाज
25 Sep 2024

भारत देश के लिए एक सेकुलर सिविल कोड की स्थापना को साकार करना चाहिए। यही सही मायने में संविधान की मूल भावना के प्रति हमार...

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Hurdles in Affordable and Effective Cancer Treatment
Hurdles in Affordable and Effective Cancer Treatment
21 Sep 2024

Cancer, one of the most dreaded diseases, has become a worldwide epidemic. In India too, the number of people suffering ...

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अनिल अंबानी के पतन की कहानी
अनिल अंबानी के पतन की कहानी
25 Sep 2024

समय सदा एक जैसा नहीं रहता। भविष्य निस्संदेह अज्ञात हो सकता है परंतु भाग्य रेखा निरंतर संघर्ष से परिवर्तित की जा सकती है,...

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अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के मौजूदा उधार दरों का विश्लेषण
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के मौजूदा उधार दरों का विश्लेषण
24 Sep 2024

2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र देखने के लिए ऋण ब्याज दरों में कटौती समय की मांग है। - विकास सिन्हा   देश के विकसित...

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